Tag Archives: Hindi Poems

Hindi Poem

By anonymous सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब गोविंद ना आएंगे छोड़ो मेहंदी खड़ग संभालो खुद ही अपना चीर बचा लो द्यूत बिछाए बैठे शकुनि, … मस्तक सब बिक जाएंगे सुनो द्रोपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आएंगे कब तक … Continue reading

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असंभव सत्य

By प्रदीप जिलवाने नींद मेरे लिए एक चुंबकीय रास्ता है जिससे होकर मैं तुम तक पहुँचता हूँ और तुम्हारी इजाजत के बगैर तुम्हें बेपरवाही से छू लेता हूँ वे अनंत दुआएँ जो मैं आसमान की ओर अक्सर उछालता हूँ अँधेरे … Continue reading

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