Monthly Archives: August 2018

कौरव कौन

अटल जी की एक कविता   अटल जी ने हमेशा जीवन की चुनौतियों का आगे बढ़कर सामना किया। अपने राजनीतिक जीवन में कविताओं से लोगों का मन मोहने वाले अटल जी की कुछ कविताएं तो समय की सबसे अच्छी परिभाषा … Continue reading

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ज़िंदगी

आहिस्ता चल ज़िंदगी, अभी कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है, कुछ दर्द मिटाना बाकी है, कुछ फ़र्ज़ निभाना बाकी है I रफ़्तार में तेरे चलने से कुछ रूठ गये, कुछ छूट गये, रूठों को मानना बाकी है, रोतों को हसाना बाकी … Continue reading

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