Old Memories in Hindi

मेरे कुछ संस्मरण

मैने पी आई सी में 1957 मे कक्षा 6 मे प्रवेश लिया था और वहीं से हाई स्कूल 1964 मे पास किया l प्रत्यक्ष है दो वर्ष अधिक लिए. दोनो वर्ष कक्षा 10 में  ही बिताए l मैं पढ़ाई में अच्छा था और कभी फेल नहीं हुआ बल्कि अच्छे नंबरों से पास होता था l मेरा एक घनिष्ट मित्र था (स्वर्गीय) विरेन्द्र कुमार शर्मा l जब हम कक्षा 10 में पहुँचे तो हमारे मन में एक बात आई कि जब लड़के कक्षा में फेल होते हैं तो रोते क्यों हैं ? तो हम दोनो ने ठानी की इस वर्ष हम कक्षा 10 में फेल हो कर देखते हैं कि हमें भी रोना आता है या नहीं l तो हमने तय किया की इस बार बोर्ड के पेपर मे कुछ लिखेंगे नहीं l लिखेंगे तो पास हो जाएँगे l

तो जनाब, हम फेल हो गये और हमे रोना भी नही आया l लेकिन अगले वर्ष पढ़ाई की ही नही थी इसलिए कुछ लिख नही पाए और फेल हो गये l पर रोना फिर भी नहीं आया l लेकिन मैने एक बात मन में उसी समय ठान ली कि बस अब बहुत फेल हो लिए अब पास होना है l और 1964 के बेच के साथ पास हुए भी और गणित मे डिस्टिंक्सन भी लिया l

मेरा घर लालपानि, नदी पार, में है और वहीं से प्रत्येक दिन कालेज आया जाया करता था l बरसात के दिनों में बहुत दिक्कतें आती थीं l क्योंकि उन दीनो खोह नदी में कोई पुल या झूला (पुल) नहीं था जो लालपानि को कोटद्वार से जोड़ता हो l केवल एक लाल पुल (जो अब खंडहर है था, जो सिद्धबली मंदिर के नज़दीक है), हुआ करता था और कोटद्वार को डुगड़डा और बाकी पहाड़ों के विभिन्न जगहों को जोड़ता था l तो जिस दिन नदी बहुत उफान मे हो और हम नदी को तैर कर पार न कर सकें तो इस पुल के रास्ते को लिया करते थे l

उन दिनो हमारे एक गुरुजी हुआ करते थे, अग्रवाल जी l पूरा नाम भूल रहा हूँ l उन्होने हमे कक्षा 6, 7, व 8 में पढ़ाया था l वो कक्षा 8 में मेरे क्लास टीचर भी थे l वो अक्सर कहा करते थे कि आदमी को हमेशा “लंगोट का पक्का होना चाहिए” l उन दिनो उम्र छोटी थी, बात समझ मे नही आई l बल्कि यह समझा की लंगोट को मज़बूती से बांधनी चाहिए l बस क्या था कक्षा 9 में पहुँचे तो एक लंगोट सीलवा लिया और पहनने लगे l लेकिन समझ में कुछ नहीं आया l कुछ दीनो बाद लंगोट पहनना छोड़ दिया l

लेकिन अब जब उम्र हो चली है तो उनके उस वाक्य का अर्थ अब समझ मे आ रहा है कि “लंगोट” का पक्का” होना क्या है l जो मैं समझता हूँ वह यह है कि कोई भी अपने विवाह बंधन को न लाँघे l जिसे अँग्रेज़ी में कहते हैं की extra marital” संबंध न बनाए l

कहने को तो बहुत कुछ है l पुरानी यादें जब ताज़ा होती हैं तो दिल थमता नहीं है l किंतु सब कुछ इस स्मारिका मे तो नही हो सकता l औरों को भी लिखना है.

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About Shiv Rana

A veteran of the Indian Army.
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