Monthly Archives: September 2013
सपने उम्मीद से …
सपने उम्मीद By Anonymous मौसम बदल रहा है कहीं बादल फट रहे हैं कहीं ज़मीं खिसक रही है कहीं जलजला…तो कहीं सैलाब परिंदे तक परेशां हैं… कुछ पता लगा.. धरती उम्मीद से है.. संगम में अखाड़ों ने स्नान किया घाट … Continue reading
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राधे राधे
राधा कृष्ण स्वर्ग में विचरण करते हुए अचानक एक दुसरे के सामने आ गए विचलित से कृष्ण ,प्रसन्नचित सी राधा… कृष्ण सकपकाए, राधा मुस्काई इससे पहले कृष्ण कुछ कहते राधा बोल उठी कैसे हो द्वारकाधीश ? जो राधा उन्हें कान्हा कान्हा कह के … Continue reading
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