Monthly Archives: July 2012

भटकाव क्यों?

अपने हालात से टकराव नहीं चाहता मैं ज़ात के जिस्म पे और घाव नहीं चाहता मैं देर तक रखती है बेसुध मुझे सोंधी खुशबू दिल! तेरी मिट्टी पे छिड़काव नहीं चाहता मैं पहली बारिश में ही हो जायें हरे ज़र्द … Continue reading

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चंदा अपना मीत था

समय समय की बात है, चंदा अपना मीत था, किरणों का संगीत था अब तो उल्कापात है! अब प्रिये का साथ नहीं, प्रणय में विश्वाश नहीं, जीवन की गोधुली में आशा की दो साँस है. समय समय की बात है, … Continue reading

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