Monthly Archives: March 2012

उफ! ये सोच

उफ! ये सोच ! ! ! सोचते-सोचते… दिमाग की नसें फूल गई हैं ये भूल गई हैं सोना साथ ही भूल गई हैं सोते हुए ‘इस आदमी’ को सपने दिखाना रात-दिन बस एक काम सोचना…सोचना…स ोचना विचार की सूखी-बंज़र धरती … Continue reading

Posted in Poetry | Leave a comment